सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश व पुलिस अधीक्षक ने न्यायालय परिसर का किया निरीक्षण प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेषनाथ सिंह एवं पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने व्यवहार न्यायालय परिसर का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रवेश द्वार, वॉच टावर,मोर्चा,चाहरदिवारी, पार्किंग,फ्रिस्किंग,चेकिंग, बल की प्रतिनियुक्ति, सीसीटीवी कैमरा, पेट्रोलिंग और बैरियर/स्लाइडर जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान दिया। उन्होंने मुख्य द्वार पर महिलाओं के लिए जांच रूम की आवश्यकता बताई और न्यायालय परिसर में वॉच टावर के आवश्कता को देखते हुए वॉच टावर निर्माण के लिए स्थल का निरीक्षण किया।उन्होंने न्यायालय परिसर और आवासीय परिसर की चाहरदिवारी की ऊंचाई और सुरक्षा के उपायों की जांच की। मुख्य प्रवेश द्वार पर डीएफएमडी और एचएचएमडी के सख़्त जांच के निर्देश दिए। न्यायालय व आवासीय

परिसर की सुरक्षा में तैनात पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों की व्यवस्था का जायजा लिया व सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग हेतु बने कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने पीसीआर, टाइगर मोबाइल और नगर थाना गस्ती दल को नियमित गश्ती और निगरानी के निर्देश दिए और मुख्य द्वार के सामने यातायात पुलिस बल की तैनाती, रोड ब्रेकर एवं लोहे के स्लाइडर लगाने की व्यवस्था का निरीक्षण किया।मौके पर प्रथम श्रेणी दंडाधिकारी सह रजिस्ट्रार विजय दास, डीएलएसए सचिव रूपा बंदना किरो,लोक अभियोजक लुकास हेंब्रम, सीपू प्रभारी अनूप रोशन भेंगरा,समेत न्यायालय के कर्मी उपस्थित रहे।

