पाकिस्तान ने 22 जुलाई को शाहीन-3 न्यूक्लियर मिसाइल का परीक्षण किया, लेकिन ये परीक्षण पूरी तरह फेल हो गया। मिसाइल बलूचिस्तान की आबादी के पास खेतों में गिर गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। बलूच नेता मीर यार बलोच ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ये मिसाइल सिर्फ़ 500 मीटर दूर गिरी—ज़रा सी चूक होती तो बड़ी तबाही हो सकती थी।

बलूच नेताओं का आरोप है कि पाकिस्तान की सेना लगातार मिसाइल परीक्षणों के नाम पर स्थानीय नागरिकों को जबरन बेदखल कर रही है और बलूचिस्तान को सैन्य प्रयोगशाला में तब्दील कर दिया गया है। इससे पहले 2023 और 1998 में भी ऐसे मिसाइल और परमाणु परीक्षणों ने वहां के लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाला। बलूच नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र से अपील की है कि पाकिस्तान के मिसाइल कार्यक्रमों पर रोक लगे और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

