बीजेपी के वरिष्ठ नेता और बक्सर सांसद अश्विनी चौबे एक बार फिर सुर्खियों में हैं। ज्ञान भवन में आयोजित पार्टी की कार्यसमिति बैठक में चौबे को मंच पर जगह नहीं मिली, जिससे नाराज होकर वे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर बाहर निकल गए। कार्यक्रम से उनकी नाराज़गी और उपेक्षा साफ झलक रही थी।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह घटनाक्रम बिहार बीजेपी में अंदरूनी असंतुलन और गुटबाज़ी की ओर इशारा करता है। चौबे के समर्थकों में रोष है, जबकि बीजेपी नेतृत्व ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। सवाल उठता है — क्या चौबे की बेअदबी महज इत्तेफाक है या कोई रणनीति?

