बांसजोड़ा 12 नंबर की चार साल पुरानी धधकती आग लोगो के घरों तक पहुंच गई। शनिवार सुबह यहां के संतोष भुईयां के आंगन में जमीन धंसी और दस फ़ीट का गोफ बन गया।गोफ से भारी मात्रा में गुब्बारे जैसा गैस रिसाव हो रहा है।घटना सुबह 6 बजे की बताई जा रही है,तब संतोष का परिवार घर मे सो रहा था।पड़ोसी शशि भूईयां एंव अशोक भूईयां के मकान मे भी जगह जगह दरारे हुई है।ग्रामीण सड़क व आसपास लोगो के जमीन के भीतर आग की तपिश महसूस करा रही है। ग्रामीणों में उबाल,, घटना के बाद से ग्रामीणों में उबाल है।प्रबंधन के प्रति जमकर नारेबाज़ी है।ग्रामीण इतने आक्रोश है कि गोफ भराठी करने से मना कर दिया है।ग्रामीणों का कहना है कि रोज घुट घुट कर मरने से अच्छा है कि एक ही दिन मर जाए।इनका मानना है कि प्रबंधन गोफ की भराठी कर सिर्फ खानापूर्ति करती है।गोफ पर मिट्टी डालकर हम सबको इसी हाल में मरने के लिए छोड़ जाते हैं।ग्रामीण बेबस है वो सिर्फ पुनर्वास की मांग कर रहे हैं।इधर प्रबंधन का कहना है कि गोफ की खबर मिली थी।मशीन व मिट्टी लेकर गए थे,लेकिन

गांव वालो ने गोफ भरने नही दिया है।दो बार कोशिश की गई है।गोफ से गैस का रिसाव जारी है।ग्रामीणों का मन बिचलित है,उसका कहना है कि रात और दिन डर के साये में गुजरता है।कब परिवार के किस सदस्यों की जिंदगी समा जाए कौन जानता है। संतोष के पड़ोसी सहित दर्जन भर से ज्यादा घरो पर मंडरा रहा है खतरा,,, घटना के बाद ग्रामीणों ने बताया कि पप्पू मंडल,धर्मेन्द्र रजक,गायत्री देवी,पार्वती देवी,सुनीता भूईयां,चंदू भुईयां,गुड़ीया कुमारी,अशोक भूईयां,लखन रविदास,पुनम सहित 20 घर से अधिक लोग प्रभावित है।रिसाव हो रही गैस व धुंवे की गंध करीब दो सौ मीटर मीटर फैल गई है।यहां के लोगो को रिसाव गैस से आंख मे जलन,उल्टी खांसी और दम्मा जैसे महसुस

