
G7 शिखर सम्मेलन के समापन के दौरान कुछ खालिस्तानी समर्थकों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। कनाडा में हुए इस प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने नारेबाज़ी की और मोदी के पोस्टर पर आपत्तिजनक हरकतें कीं, जिसकी सोशल मीडिया पर कड़ी निंदा हो रही है। इस विरोध के बावजूद, प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक मंच पर भारत का प्रभावशाली नेतृत्व दिखाया और विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं कर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति दर्ज करवाई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन किसी भी प्रकार की अपमानजनक या घृणास्पद हरकतें अस्वीकार्य हैं और इनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना होती है। भारत ने बार-बार दोहराया है कि वह उग्रवाद और अलगाववाद के किसी भी स्वरूप के खिलाफ है।

