सुरक्षित बचपन अभियान के तहत छात्राओं को बाल अधिकारों एवं साइबर सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक
झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस गर्ल्स, में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष कुमार क्रांति प्रसाद के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में डालसा सचिव रूपा बंदना किरो, स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला, एसडीपीओ कुमार गौरव, जिला शिक्षा पदाधिकारी अनीता पूर्ति एवं विद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनीष गुप्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डालसा सचिव ने छात्राओं को बाल अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बाल विवाह, बाल मजदूरी और पॉक्सो एक्ट के विभिन्न प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के संरक्षण के लिए यह कानून महत्वपूर्ण है। उन्होंने अच्छे और बुरे स्पर्श के बीच अंतर समझाते हुए कहा कि किसी भी प्रकार का असहज या गलत व्यवहार होने पर चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसकी जानकारी अभिभावक या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को देनी चाहिए।

स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला ने कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को जीवन और शिक्षा सहित कई मौलिक एवं कानूनी अधिकार प्राप्त हैं। उन्होंने बाल श्रम निषेध कानून की जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों से उनकी उम्र और कानून के विरुद्ध श्रम कराना दंडनीय अपराध है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि विद्यार्थियों को समय-समय पर संविधान की प्रस्तावना और विभिन्न अनुच्छेदों की जानकारी भी दें।
एसडीपीओ कुमार गौरव ने साइबर अपराध से बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, अज्ञात स्रोतों से फोटो और वीडियो डाउनलोड नहीं करने तथा अपना ओटीपी एवं बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी। उन्होंने डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों के प्रति भी सतर्क रहने की अपील की।
कार्यक्रम का मंच संचालन इंडियन नेशनल एसोसिएशन के अध्यक्ष जेड.एच. विश्वास ने किया। उन्होंने भी सुरक्षित बचपन अभियान के तहत बच्चों के अधिकारों और संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों एवं अतिथियों ने विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता का संदेश दिया।
