एसएसपी ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ठगी से बचने और बैंकिंग डिटेल सुरक्षित रखने की दी सलाह*।
धनबाद, 29 अक्टूबर 2026: धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रभार कुमार, आईपीएस, ने गुरुवार को लोगों को साइबर ठगी, खासकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर होने वाली ठगी से सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ बैंक खाते की जानकारी, कार्ड डिटेल, पासवर्ड और वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) जैसी संवेदनशील वित्तीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। वह आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में आयोजित ‘आईटी एवं साइबर सिक्योरिटी और साइबर हाइजीन’ पर प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
संस्थान के मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) कार्यालय की ओर से सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 के तहत क्षमता निर्माण कार्यक्रम के अंतर्गत इस प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। सतर्कता जागरूकता सप्ताह 26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक मनाया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों को साइबर खतरों, डिजिटल सुरक्षा और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार के प्रति जागरूक करना था।

उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत नहीं होने पर इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन और बैंकिंग की अन्य सुविधाओं को बंद रखा जा सकता है, यदि बैंक यह विकल्प उपलब्ध कराता है। अनजान स्रोतों से एप्लिकेशन या एपीके फाइल डाउनलोड करने से बचना चाहिए और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अनजान लोगों के अनुरोध पर कार्रवाई करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।
कार्यक्रम में सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 के तहत आयोजित क्विज प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। एसएसपी प्रभार कुमार, डिप्टी डायरेक्टर प्रो. सारत कुमार दास और रजिस्ट्रार प्रबोध पांडेय ने विजेताओं को पुरस्कार दिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से साइबर हाइजीन, सतर्कता और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार के महत्व पर जोर दिया गया, ताकि ऑनलाइन ठगी से बचाव और डिजिटल प्लेटफॉर्म का सुरक्षित इस्तेमाल सुनिश्चित किया जा सके।
प्रस्तुत है सहयोगी राजेश गोस्वामी के साथ पंकज सिंहा की रिपोर्ट धनबाद से।

