निवेश पर आकर्षक मुनाफे का प्रलोभन देकर आसनसोल समेत पश्चिम बंगाल और झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर ठगी का आरोप लगा है। पीड़ितों का दावा है कि इस मामले में 10 से 12 हजार लोग प्रभावित हुए हैं और करीब 80 से 90 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है। हालांकि, इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।पीड़ितों के अनुसार, उत्पाद आधारित कारोबार में निवेश के नाम पर कंपनी ने करीब 16 महीने तक नियमित रिटर्न दिया। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। बाद में कारोबार के विस्तार और मॉल खोलने के नाम पर अतिरिक्त रकम जमा कराई गई। आरोप है कि पूजा से ठीक पहले कार्यालय बंद कर संचालक फरार हो गए। पीड़ितों ने पुरुलिया

निवासी संदीप बाउरी पर निवेश के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि पत्नी के पश्चिम बंगाल पुलिस में कार्यरत होने की बात कहकर उसने भरोसा जीता था। निवेशकों ने स्मृति ग्रुप और होली लावा देव के नाम पर बैंक हस्तांतरण, चेक, यूपीआई, आरटीजीएस और एनईएफटी से रकम जमा करने की बात कही है। उनके अनुसार, इस नेटवर्क का विस्तार रांची, धनबाद, बोकारो, जामताड़ा, पुरुलिया, बांकुड़ा और मेदिनीपुर तक था। पीड़ितों ने आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के एसीपी कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दी। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी, बैंक खातों और संपत्तियों की जांच तथा निवेश की रकम वापस दिलाने की मांग की।
