आजसू पार्टी के जिलाध्यक्ष आलमगीर आलम ने पाकुड़ सदर अस्पताल को लेकर कांग्रेस गठबंधन के नेताओं की बयानबाजी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को सदर अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह को राजनीतिक अखाड़ा बनाने से बचना चाहिए। जब राज्य में उनकी गठबंधन सरकार है और विधायक भी उनके ही गठबंधन के हैं, तो उन्हें बयानबाजी करने के बजाय स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस पहल करनी चाहिए।
आलमगीर आलम ने कहा कि सत्ता में रहते हुए अपनी ही सरकार की कमियों को लेकर सवाल उठाना और केवल बयानबाजी करना गैर-जिम्मेदाराना रवैया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकुड़ विकास के मामले में पिछड़ा हुआ है और यहां स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति में सुधार की जरूरत है। अस्पताल में राजनीति करने से आम लोगों की परेशानियां कम नहीं होंगी। इसके बजाय जनप्रतिनिधियों को जनता की समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को पाकुड़ जैसे ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लेकर तत्काल आवश्यक कदम उठाने चाहिए। सदर अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में रिक्त पड़े चिकित्सकों और विशेषज्ञ डॉक्टरों के पदों को जल्द भरा जाना चाहिए, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके और उन्हें उपचार के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।
आजसू जिलाध्यक्ष ने कांग्रेस नेताओं से अपील की कि वे राजनीतिक बयानबाजी से ऊपर उठकर स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना जनप्रतिनिधियों और सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

