दुर्गा पूजा के शुभ अवसर पर उमा जागृति फाउंडेशन की ओर से मटवारी स्थित गांधी मैदान में लगातार दूसरे वर्ष कन्याओं के लिए पांच दिवसीय निःशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है। फाउंडेशन के संयोजक धर्मेंद्र ठाकुर के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य कन्याओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर, साहसी एवं आत्मविश्वासी बनाना है। इस प्रशिक्षण शिविर में कन्याओं को लाठी, तलवार, जूडो एवं मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे विपरीत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा करने के लिए आवश्यक कौशल सीख सकें। वर्तमान समय में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस प्रकार का प्रशिक्षण महत्वपूर्ण है। इससे बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ने के साथ-साथ उनमें अनुशासन, साहस और शारीरिक दक्षता का भी विकास होगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी

राकेश गुप्ता तथा हजारीबाग कोचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं गुरुकुल कोचिंग संस्थान के निदेशक जेपी जैन उपस्थित हुए। अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देना समय की आवश्यकता है। ऐसे शिविर उन्हें शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ समाज में सुरक्षित और आत्मविश्वासपूर्ण वातावरण के निर्माण में भी सहायक हैं। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा शक्ति की उपासना का पर्व है। ऐसे पावन अवसर पर कन्याओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देना मां दुर्गा की शक्ति, साहस और आत्मनिर्भरता के संदेश को साकार करने का सराहनीय प्रयास है। उमा जागृति फाउंडेशन द्वारा लगातार दूसरे वर्ष इस शिविर का आयोजन करना बालिका सशक्तीकरण एवं सामाजिक जागरूकता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस प्रकार की पहल से समाज में बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। आयोजन में वार्ड 12 की पार्षद निशा सिन्हा, पूर्व वार्ड पार्षद मिथिलेश सिन्हा एवं प्रशिक्षक के तौर पर अविनाश कुमार, श्वेता कुमारी, आर्ष कन्या गुरुकुल की छात्राएं महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं।

