पाकुड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आसानदीपा गांव में फाइलेरिया रोगियों की पहचान के लिए रात्रि रक्त पट संग्रह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन गांव के मुखिया विकास गोड ने किया। इस दौरान ग्रामीणों को फाइलेरिया रोग के लक्षण, संक्रमण, बचाव एवं रोकथाम के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। अभियान के तहत कुल 71 संदिग्ध मरीजों के रक्त पट (ब्लड स्मियर) संग्रह किए गए, ताकि जांच के माध्यम से फाइलेरिया संक्रमण की पहचान

की जा सके। कार्यक्रम को सफल बनाने में केटीएस राज किशोर प्रसाद, एमपीडब्ल्यू शांतनु मंडल, रंजन कर्मकार, नीरज दास एवं उज्ज्वल मंडल, लैब टेक्नीशियन टनल टुडू, सुनील कुमार लाल तथा पिरामल टीम की रीता सिंह ने सक्रिय भूमिका निभाई। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल का उद्देश्य फाइलेरिया के संभावित मरीजों की पहचान कर समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा ग्रामीणों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करना है।
