आज कैमूर जिला मुख्यालय अंतर्गत भभुआ में इंडिया गठबन्धन के द्वारा ज्ञानेश भगाओ लोकतंत्र बचाओ मार्च जगजीवन स्टेडियम से चलकर एकता चौक के पास मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार,गृह मंत्री अमित शाह एवं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का पुतला दहन कर जिला मुख्यालय गेट के पास प्रदर्शन किया गया जिसमें इंडिया गठबन्धन समन्वय समिति कैमूर के बैनर तले इस ज्ञापन के माध्यम से देश और राज्य की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए एक बेहद गंभीर और संवेदनशील विषय पर आपका और भारत सरकार का ध्यान आकृष्ट कराना चाहते हैं , राष्ट्रीय मीडिया (द इंडियन एक्सप्रेस) की हालिया एक खोजी रिपोर्ट से यह बेहद चौंकाने वाला और चिंताजनक तथा सामने आया है कि भारत निर्वाचन आयोग के दो माननीय चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में आयोग के विभिन्न निर्णयों और प्रक्रियाओं को लेकर कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज कराई है। यह आंतरिक असहमति मुख्य रूप से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और डिजिटल प्रणालियों के अत्यधिक केन्द्रीकरण से जुड़ी है । इस आंतरिक असहमति और प्रक्रियात्मक विसंगतियों के कारण निम्नलिखित गंभीर चिंताएं उत्पन्न हुई है- (1)मतदाता

पंजीकरण में बाधा: नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और पंजीकरण की प्रक्रिया को जटिल बना दिया गया है। (2)नाम हटाने /बहाल करने में विसंगति : मतदाता सूची से नाम हटाने और उन्हें पुनः बहाल करने की वर्त्तमान पारदर्शी प्रक्रियाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है ।(3)फॉर्म 6 में अनुचित बदलाव: नए आवेदन के लिए उपयोग होने वाले फॉर्म में किए गए हालियां बदलावों से आम जनता में भ्रम की स्थिति है । (4) सॉफ्टवेयर एवं डेटा सुरक्षा पर सवाल: निर्वाचन आयोग के मतदाता डेटा और सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली पर खुद आयोग के भीतर से हीं सवाल खड़े हो रहे हैं,जो डिजिटल पारदर्शिता के दावे को खोखला करताहै। किसी भी जीवंत लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वतंत्र,निष्पक्ष एवं पारदर्शी निर्वाचन प्रक्रिया तथा प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा सबसे अनिवार्य स्तंभ है। जब निर्वाचन आयोग के शीर्ष स्तर पर हीं इस प्रकार की गंभीर विसंगतियों और अविश्वास का माहौल हो,तो निष्पक्ष चुनाव को उम्मीद नहीं की जा सकती है,अतः इंडिया गठबन्धन समन्वय समिति कैमूर निम्नलिखित मांगे करती है। लोकतांत्रिक मर्यादाओं और निष्पक्षता को ठेस पहुचाने के कारण मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे। मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया की किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराई जाए ताकि किसी भी वैध मतदाता का नाम सूची से न छुटे। माननीय अधिकारी महोदय से अनुरोध करते हैं कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए इस ज्ञापन को अविलंब महामहिम राज्यपाल बिहार और माननीय राष्ट्रपति भारत सरकार के पास अग्रसारित करने की कृपा की जाए। जिसमें उपस्थित दल राष्ट्रीय जनता दल कैमूर जिला अध्यक्ष अकलू राम,कांग्रेस जिला अध्यक्ष राधेश्याम कुशवाहा,vip जिला अध्यक्ष शिवदास बिंद,भाकपा माले विजय यादव,सीपी आई एम भीम सिंह,cpi आदि दल के नेता कार्यकर्ता गण उपस्थित थे साथ में उपस्थित भभुआ विधानसभा पूर्व प्रत्याशी बिरेंद्र कुशवाहा,रामगढ़ विधानसभा पूर्व प्रत्याशी अजीत सिंह, भोला नाथ सिंह,आशिफ मुन्ना खां,बिरजू पटेल,जनार्दन उपाध्याय,सिद्धेश्वर कुशवाहा, मिलन कुशवाहा,असलम अंसारी,मुकेश पटेल,सलमान खान,धनंजय यादव,अशोक यादव कैमूरी,रामदुलार यादव, संजय सिंह,मुन्ना सिंह, सचिदानंद यादव,रोहित तिवारी,जगन्नारायण यादव, सुरेश सिंह,सन्मुख पासवान, संदीप राम,सूचित पांडे, अमजद खान,अखिलेश पटेल, सुबास यादव,नथुनी राम, लालबाबू पासवान,अक्षय कुशवाहा आदि नेता कार्यकर्ता गण उपस्थित रहे।