उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती और कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकार के कामकाज का ब्यौरा पेश किया। लखनऊ के लोकभवन में 912 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में सत्ता संभालने के समय प्रदेश पुलिस में आधे से ज्यादा पद खाली थे और भर्ती प्रक्रियाएं अदालतों में लंबित थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी थी और सिफारिश तथा लेन-देन की

शिकायतें सामने आती थीं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में बदलाव के साथ पुलिस के बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया। हर रेंज में फॉरेंसिक लैब, सात शहरों में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था और हर जिले में साइबर पुलिस स्टेशन जैसी व्यवस्थाओं का उन्होंने उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 2017 के बाद 9.5 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। वहीं, रविवार को 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए, जिनमें 173 महिलाएं शामिल हैं।

