केरेडारी के जोरदग गांव में एनटीपीसी चट्टी बरियातु कोयला खनन परियोजना की ओर से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल की गई है। कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व यानी CSR के तहत 30 महिलाओं के लिए जूट बैग निर्माण और सोहराय पेंटिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन परियोजना प्रमुख धनंजय श्रीखंडे ने रिबन काटकर और दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर एनटीपीसी के अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को जूट बैग बनाने और पारंपरिक सोहराय चित्रकला का

व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य महिलाओं के कौशल को विकसित करने के साथ उन्हें रोजगार और आय के नए अवसर उपलब्ध कराना है। इससे महिलाएं अपनी कला और हुनर के जरिए आत्मनिर्भर बन सकेंगी। एनटीपीसी की इस पहल को ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

