किसान इंटर कॉलेज अनवरा में नियुक्ति और वेतन अनुदान को लेकर उठे सवाल पूर्व प्राचार्य के नाम से फर्जी त्यागपत्र दिखाने का आरोप, जांच की मांग। कैमूर जिले के किसान इंटर कॉलेज अनवरा में शिक्षकों की नियुक्ति, योगदान और सरकार से मिलने वाले अनुदान को लेकर शिकायत सामने आई है। मामले में पूर्व प्राचार्य माणिकचंद्र सिंह के नाम से कथित रूप से फर्जी त्यागपत्र तैयार किए जाने का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में सुदर्शन सिंह ने कार्यपालक दंडाधिकारी,भभुआ के समक्ष शपथ पत्र के साथ आवेदन देकर मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में कहा गया है कि पूर्व प्राचार्य माणिकचंद्र सिंह ने कभी अपने पद से त्यागपत्र नहीं दिया था। शिकायतकर्ता के अनुसार,त्यागपत्र पर उनके हस्ताक्षर भी नहीं हैं और लिखावट अलग है। आरोप लगाया गया है कि हस्ताक्षर की नकल कर कथित फर्जी त्यागपत्र को एक साजिश के तहत प्रस्तुत किया गया। शिकायत में किसान इंटर कॉलेज अनवरा में शिक्षक

रामलाल सिंह और पारसनाथ सिंह की नियुक्ति एवं योगदान से जुड़े दस्तावेजों पर भी सवाल उठाए गए हैं। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि संबंधित शिक्षकों के नाम पर वर्ष 2006-08 से सरकारी अनुदान के रूप में वेतन भुगतान किए जाने की प्रक्रिया चली आ रही है। शिकायतकर्ता ने नियुक्ति,योगदान और अनुदान से संबंधित अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है। आवेदन के साथ पूर्व प्राचार्य माणिकचंद्र सिंह का शपथ पत्र,कथित त्यागपत्र की प्रति, सेवानिवृत्ति से संबंधित सूचना, विद्यालय का प्रभार सौंपे जाने संबंधी दस्तावेज,समाचार पत्र की प्रति तथा शिक्षकों की नियुक्ति एवं योगदान से जुड़े कागजात संलग्न किए गए हैं।शिकायतकर्ता का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि पूर्व प्राचार्य का त्यागपत्र वास्तविक था या उनके नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। साथ ही शिक्षकों की नियुक्ति,योगदान और सरकारी अनुदान से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जाए,ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। कैमूर डीएम कुमार अनुराग ने कहा कि अभी तक इस मामले में कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है अगर आवेदन मिलता है तो डीईओ से जांच करवाते हैं।

