दिल्ली हाई कोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज की ओर से अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए दायर हेबियस कॉर्पस यानी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खारिज कर दी। भारद्वाज को जंतर-मंतर पर एक नाबालिग एक्टिविस्ट के पिता के साथ कथित मारपीट के मामले में हिरासत में लिया गया है। मामले को मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय के समक्ष भारद्वाज के वकील उमेश शर्मा ने उठाया। वकील ने दलील दी कि भारद्वाज पिछले तीन दिनों से हिरासत में हैं और उनकी गिरफ्तारी गैर-कानूनी है। हाई कोर्ट ने याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए लिस्ट करने की मांग स्वीकार की, लेकिन

सुनवाई के बाद याचिका खारिज कर दी। याचिका में गिरफ्तारी और हिरासत को गैर-कानूनी बताते हुए तत्काल रिहाई की मांग की गई थी। इससे पहले अदालत ने भारद्वाज को एक दिन की पुलिस हिरासत के बाद एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। दिल्ली पुलिस ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत मांगी थी। स्वतंत्र भारद्वाज को शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से हिरासत में लिया गया था। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

