बदलती जीवनशैली और बढ़ती गैर-संचारी बीमारियों को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालयों में खान-पान को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं। अब सरकारी बैठकों, आधिकारिक कार्यक्रमों, प्रशिक्षण सत्रों, सम्मेलनों और कैंटीन में पौष्टिक और संतुलित भोजन को बढ़ावा दिया जाएगा। निर्देशों के तहत नाश्ते में मौसमी फल, अंकुरित अनाज, भुने चने, कम नमक वाली मूंगफली, सब्जियों वाला पोहा, उपमा, इडली-सांभर, मिलेट खिचड़ी और थालीपीठ जैसे विकल्प रखने को कहा गया है। पेय पदार्थों में नारियल पानी, छाछ, सोलकढ़ी, बिना

चीनी वाला दूध, ग्रीन टी और हर्बल टी को प्राथमिकता दी जाएगी। नींबू पानी भी कम चीनी या गुड़ के साथ परोसने का सुझाव दिया गया है। वहीं, दोपहर और रात के भोजन में ज्वार, बाजरा और रागी की रोटी, मल्टीग्रेन चपाती, दाल, हरी सब्जियां, दही, छाछ और सलाद जैसे विकल्प शामिल करने पर जोर दिया गया है। सरकार ने ज्यादा चीनी, नमक और तेल वाले खाद्य पदार्थों और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड को चरणबद्ध तरीके से कम करने के निर्देश दिए हैं।

