मुआवजा, विस्थापन और रोजगार को लेकर किसान संघर्ष समिति ने NTPC के खिलाफ खोला मोर्चा लोकेशन: केरेडारी/बड़कागांव, हजारीबाग बड़कागांव किसान संघर्ष समिति ने मुआवजा, विस्थापन और रोजगार समेत विभिन्न मांगों को लेकर एनटीपीसी के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंदोलन की चेतावनी दी है। पूर्व विधायक लोकनाथ महतो ने आरोप लगाया कि एनटीपीसी अपनी पुनर्वास एवं विस्थापन नीति का पालन नहीं कर रही है और गैर-मजरुआ जमीन पर बिना मुआवजा दिए काम किया जा रहा है। उन्होंने एनटीपीसी की एमडीओ कंपनियों त्रिवेणी सैनिक

और बीजीआर पर भी किसानों की जमीन जबरन लेने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि कंपनी की कथित गलत कटऑफ डेट नीति के कारण हजारों युवक-युवतियां विस्थापन के लाभ से वंचित हैं। समिति ने स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता नहीं मिलने और निर्धारित मानदेय नहीं दिए जाने का भी आरोप लगाया। किसान संघर्ष समिति ने कंपनी को एक सप्ताह के भीतर समस्याओं का समाधान करने का अल्टीमेटम दिया है। मांगें पूरी नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. बालेश्वर महतो, रामलखन महतो समेत दर्जनों किसान और समिति के सदस्य मौजूद रहे।

