रामगढ़। पद्म भूषण से सम्मानित दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर सोमवार को रामगढ़ के लुकैयाटांड़, बरलंगा स्थित सोना-सोबरन विद्यालय परिसर में उनकी भव्य प्रतिमा का अनावरण मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भावुक हुए। उन्होंने कहा आज का दिन मेरे और मेरे पूरे परिवार के लिए अत्यंत भारी है। यह पीड़ा सिर्फ हमारे परिवार की नहीं, बल्कि पूरे झारखंड, आदिवासी, दलित, शोषित और पिछड़े समाज की है। सीएम ने कहा कि

गुरुजी ने अपने आंदोलन से झारखंड को एक विशिष्ट पहचान दी और जननायक के रूप में अमूल्य योगदान दिया। प्रतिमा स्थापित करने का उद्देश्य है कि हम और आने वाली पीढ़ियां अपने इतिहास और जड़ों को न भूलें। उन्होंने कहा झारखंड की धरती पर अनेक महापुरुषों ने जन्म लिया। उन्हीं के त्याग से झारखंड वीरों की पावन भूमि बना। कार्यक्रम में राज्य के कई मंत्री, मुख्य सचिव, वरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में आम लोग उपस्थित थे।

