बांकुड़ा जिले की आशा कर्मी रुम्पा मंडल की आकस्मिक मृत्यु के बाद मंगलवार को रानीगंज ब्लॉक की आशा कर्मियों ने बीडीओ एवं बीएमओएच कार्यालय के समक्ष एक मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने कार्य का अत्यधिक बोझ कम करने, मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता देने तथा शालतोड़ा की विधायक चंदना बाउरी के कथित विवादित बयान पर सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करने की मांग की। जानकारी के अनुसार, हाल ही में आयुष्मान भारत योजना के ई-केवाईसी कार्य के दौरान शालतोड़ा क्षेत्र में एक विवाद सामने आया था। इसके बाद सोमवार को गंगाजलघाटी के गोपीनाथपुर गांव की आशा कर्मी रुम्पा मंडल

अचानक अस्वस्थ हो गईं। उन्हें अमरकानन ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने हृदयाघात की आशंका जताई है, जबकि उनकी मृत्यु और कार्य के दबाव के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रुम्पा मंडल की मृत्यु के बाद विभिन्न स्थानों पर आशा कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि लगातार बढ़ते कार्यभार और मानसिक दबाव के कारण उन्हें कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ रहा है। उन्होंने अतिरिक्त दायित्वों की समीक्षा तथा कार्यों का संतुलित बंटवारा करने की मांग की।

