राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में Gen-Z, विवाह और Co-Living को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि विवाह एक ऐसा अनुशासन है, जो धर्म और सामाजिक जिम्मेदारियों को मजबूत करता है, जबकि Co-Living में जिम्मेदारियों से बचने की प्रवृत्ति दिखाई देती है। भागवत ने कहा कि Gen-Z के युवा अक्सर दूसरों की देखा-देखी फैसले लेते हैं, भावुक होते हैं और कई बार शांत मन से विचार नहीं करते। हालांकि,

उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिकता का स्वागत किया जाना चाहिए और समय के साथ बदलाव जरूरी है। उन्होंने LGBTQ समुदाय को भी समाज का हिस्सा बताते हुए कहा कि उन्हें हीन दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। साथ ही परिवारों से संवाद बढ़ाने और बच्चों के साथ खुलकर बातचीत करने की जरूरत पर भी जोर दिया।

