हजारीबाग। ISKCON हजारीबाग द्वारा आयोजित नौ दिवसीय श्री जगन्नाथ रथ यात्रा महा महोत्सव का गुरुवार को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास के साथ भव्य समापन हुआ। अंतिम दिन भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा के दिव्य दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंचे। शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक दर्शन, भजन, संकीर्तन और श्रीमद्भागवतम कथा का आयोजन हुआ। सभी भक्तों के लिए महाप्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई। महोत्सव के समापन

पर ISKCON के संचालक डॉ. केशवानंद दास ने कहा कि भगवान केवल निष्कपट प्रेम और भक्ति के भूखे हैं। उन्होंने विदुर और दुर्योधन का प्रसंग सुनाकर बताया कि भगवान वैभव नहीं, भाव देखते हैं। उन्होंने गुंडिचा मंदिर और बहूड़ा रथ यात्रा के आध्यात्मिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। नौ दिनों तक चले इस महोत्सव में संकीर्तन, कथा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हजारीबाग सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। ISKCON ने सफल आयोजन के लिए प्रशासन, पुलिस और सभी स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया।

