रानीगंज राजबाड़ी के ऐतिहासिक रथ मेले में इस वर्ष धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा के साथ जनसेवा की एक नई पहल की गई। मेले के चौथे दिन राजपरिवार एवं कलकत्ता उच्च न्यायालय के अधिवक्ता स्वप्निल मुखर्जी के संयुक्त प्रयास से ‘डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी आर्बिट्रेशन एवं मेडिएशन सेंटर’ का विधिवत उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर पूर्व जिला न्यायाधीश मदन मोहन मिश्र, कलकत्ता उच्च न्यायालय के अधिवक्ता केतन माखारिया, देवानंद महाराज, राजपरिवार की सदस्य अनुराधा मालिया शराफ सहित कई अधिवक्ता, बुद्धिजीवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इस अवसर पर अधिवक्ता स्वप्निल मुखर्जी ने कहा कि न्यायालयों में मामलों के निस्तारण में होने वाली देरी, अधिक खर्च और जटिल कानूनी प्रक्रिया को देखते हुए आम लोगों को वैकल्पिक विवाद समाधान

की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस केंद्र की स्थापना की गई है। उन्होंने बताया कि पारिवारिक विवाद, संपत्ति संबंधी मामलों तथा अन्य नागरिक विवादों में यहां अनुभवी अधिवक्ताओं द्वारा निःशुल्क प्रारंभिक कानूनी परामर्श दिया जाएगा तथा मध्यस्थता और आर्बिट्रेशन के माध्यम से विवादों के समाधान का प्रयास किया जाएगा। वही राजपरिवार की सदस्य अनुराधा मालिया शराफ ने कहा कि रथ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज सेवा और जनकल्याण का भी माध्यम है। इस केंद्र से लोगों का समय और धन दोनों की बचत होगी तथा अनावश्यक कानूनी जटिलताओं से राहत मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल क्षेत्र में कानूनी जागरूकता बढ़ाने और लोगों को सरल, सुलभ एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आयोजकों ने बताया कि रथ मेला समाप्त होने के बाद भी यह केंद्र अपने निर्धारित कार्यालय से नियमित रूप से सेवाएं प्रदान करता रहेगा।

