अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष लगातार और भीषण होता जा रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने दावा किया है कि उसने ईरान के चाबहार स्थित शहीद कलंतरी पोर्ट के सर्विलांस टावर को हवाई हमले में नष्ट कर दिया। अमेरिका का कहना है कि इस टावर का इस्तेमाल ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड समुद्री निगरानी और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए करता था।

वहीं, ईरान की सरकारी मीडिया ने भी टावर के नष्ट होने की पुष्टि की है, लेकिन बंदरगाह के मुख्य संचालन पर असर से इनकार किया है। इसके साथ ही ईरान ने जवाबी कार्रवाई का दावा करते हुए कतर, कुवैत, जॉर्डन, ओमान और सीरिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही है। हालांकि, अमेरिका ने ईरान के कई दावों, जिनमें अमेरिकी सैनिकों के पकड़े जाने और बड़े सैन्य नुकसान के दावे शामिल हैं, उन्हें खारिज किया है।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अमेरिकी हमलों में कई लोगों की मौत और सैकड़ों के घायल होने की सूचना है। दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने पूरे पश्चिम एशिया और वैश्विक सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।

