झारखंड के डुमरी विधायक जयराम महतो, जिन्हें “टाइगर जयराम महतो” के नाम से भी जाना जाता है, ने 16 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर सीजेपी आंदोलन और सोनम वांगचुक के आमरण अनशन को अपना समर्थन दिया। जयराम महतो ने वर्ष 2011 के अन्ना हज़ारे आंदोलन और मौजूदा आंदोलन के बीच अंतर बताते हुए कहा कि दोनों आंदोलनों की परिस्थितियां और उद्देश्य अलग हैं। उन्होंने देश में राजनीतिक विमर्श पर भी अपनी राय रखी और कहा कि जनहित के मुद्दों

पर सभी राजनीतिक दलों को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। जयराम महतो ने इस मुद्दे पर हेमंत सोरेन सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। साथ ही विपक्षी दलों की भूमिका की आलोचना करते हुए कहा कि जनता से जुड़े आंदोलनों पर राजनीतिक दलों को केवल बयानबाजी नहीं, बल्कि सक्रिय समर्थन देना चाहिए।

