उत्तराखंड के बद्रीनाथ मंदिर में दान और चढ़ावे में कथित चोरी के मामले को लेकर नया विवाद सामने आया है। भैरव सेना के अध्यक्ष संदीप खत्री का आरोप है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन देने जाते समय पुलिस ने उन्हें उनके कार्यालय में करीब ढाई घंटे तक नजरबंद रखा। संदीप का कहना है कि सुबह 10 बजे से 12:30 बजे तक उन्हें बाहर नहीं जाने दिया गया और तहसीलदार को उनके दफ्तर बुलाकर वहीं ज्ञापन लिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले

पुलिस उनके घर भी पहुंची थी, जिससे उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। संदीप खत्री ने मामले की जांच राज्य सरकार की समिति के बजाय किसी हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराने की मांग की है। यह विवाद अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले के बाद देशभर में मंदिर प्रबंधन को लेकर चल रही बहस के बीच सामने आया है।

