झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren ने नवनियुक्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए शिक्षा और राज्य के भविष्य को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में राज्य का बौद्धिक स्तर कैसा होगा और नई पीढ़ी अपने पैरों पर कितनी मजबूती से खड़ी होगी, यह अब नवनियुक्त शिक्षकों पर निर्भर करता है।

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे दूर-दराज़ के गांवों और पिछड़े इलाकों तक पहुंचें, सरकार की आंख, कान और नाक बनकर वहां की वास्तविक स्थिति से अवगत कराएं और शिक्षा की रोशनी हर बच्चे तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पढ़ाने का काम नहीं करते, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण भी करते हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि नए शिक्षक अपने दायित्व का पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे।

